vagbhata
Tuesday, June 28, 2016
Thursday, July 30, 2015
Vagbhata - The Great Indian Ayurveda Rishi
वाग्भटा भारत देश के बहुत पुराने आयुर्वेदिक चिकित्सा विद्या के ऋषि है.
वह चरक ऋषि के शिष्य थे. उनोने भारत की चिकित्सा विद्या के लिए कई सूत्र लेखे जो हमें रोज बरोज की जिन्दगीमे उपयोग करने से आज बहुत फायदा एवम रोग प्रतिकारक शक्ति प्रदान करता है.
सूत्र १ - भोजनान्ते विषम वारी मतलब भोजन लेने के बाद १.३० घंटे बाद पानी पये.
सूत्र २ - पानी घुट घुट बहके पिए. पानी नव हो
सूत्र ३ - दोपहर का भोजन के बाद २० मिनिट आराम करे वाम कुख्शी में और रत भोजन के बाद २० मिनिट टहले और २ घटे बाद सूने जाये।
वह चरक ऋषि के शिष्य थे. उनोने भारत की चिकित्सा विद्या के लिए कई सूत्र लेखे जो हमें रोज बरोज की जिन्दगीमे उपयोग करने से आज बहुत फायदा एवम रोग प्रतिकारक शक्ति प्रदान करता है.
सूत्र १ - भोजनान्ते विषम वारी मतलब भोजन लेने के बाद १.३० घंटे बाद पानी पये.
सूत्र २ - पानी घुट घुट बहके पिए. पानी नव हो
सूत्र ३ - दोपहर का भोजन के बाद २० मिनिट आराम करे वाम कुख्शी में और रत भोजन के बाद २० मिनिट टहले और २ घटे बाद सूने जाये।
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